साल 2025 का पहला सूर्य ग्रहण 29 मार्च को चैत्र अमावस्या पर लगने जा रहा है। यह आंशिक सूर्य ग्रहण होगा और भारत में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा। हालांकि, यह ग्रहण यूरोप, एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका और आर्कटिक क्षेत्रों में देखा जाएगा।
सूर्य ग्रहण का समय (भारत में):
ग्रहण दोपहर 2:20 बजे से शुरू होगा
यह शाम 4:17 बजे अपने चरम पर होगा
शाम 6:13 बजे यह समाप्त हो जाएगा
भारत में सूतक काल: चूंकि यह सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा, इसलिए सूतक काल भारत में मान्य नहीं होगा। सूतक काल वह समय होता है जब ग्रहण दृश्य होता है और यह अशुभ माना जाता है, जिससे शुभ कार्यों की मनाही होती है। चूंकि इस ग्रहण को भारत में देखा नहीं जाएगा, इसलिए सूतक काल भी लागू नहीं होगा।
ग्रहण का दृश्य स्थान: यह आंशिक सूर्य ग्रहण न्यूयॉर्क, बोस्टन, मॉन्ट्रियल, क्यूबेक, अफ्रीका, साइबेरिया, कैरेबियन, और यूरोप के अन्य हिस्सों में दिखाई देगा।
यह घटना वैज्ञानिक दृष्टि से एक खगोलीय घटना है, जिसमें चंद्रमा पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है और सूर्य के प्रकाश को आंशिक रूप से अवरुद्ध करता है, जिससे पृथ्वी के कुछ हिस्सों में छाया पड़ती है।

