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पांच महाधार्मिक आयोजन 2025, जिन्होंने करोड़ों श्रद्धालुओं को एक साथ जोड़ दिया
वर्ष 2025 ने धार्मिक और आध्यात्मिक क्षेत्र में इतिहास रचते हुए देश-दुनिया में धर्म की गरिमा को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया। इस वर्ष पांच प्रमुख धार्मिक आयोजनों ने भारत की सांस्कृतिक विरासत और आस्था की ताकत को बखूबी प्रदर्शित किया। इनमें वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस, महाकुंभ मेले, ओडिशा की जगन्नाथ रथ यात्रा, सिख धर्म के पवित्र स्थलों का संरक्षण, और अयोध्या के राम मंदिर का ध्वजारोहण समारोह प्रमुख रहे।
वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस: ज्ञान और आदर्शों का सुमेल
| World Ramayana Conference |
World Ramayana Conference
जबलपुर के रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में जनवरी 2025 में संपन्न चौथा वर्ल्ड रामायण कॉन्फ्रेंस देश-विदेश के विद्वानों को एक मंच पर ला कर रामायण के प्रबंधन और नैतिक मूल्यों की प्रासंगिकता को स्थापित किया। इस सम्मेलन में राम राज्य के आदर्शों और वैश्विक मानवता के पुनर्निर्माण पर विशेष जोर दिया गया।
महाकुंभ 2025: आस्था का महासंगम
| महाकुंभ 2025 |
13 जनवरी से 26 फरवरी तक प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर आयोजित महाकुंभ में लगभग 66 करोड़ श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धार्मिक आस्था का अभूतपूर्व उदाहरण पेश किया। यह आयोजन विश्व के सबसे बड़े शांतिपूर्ण धार्मिक समारोहों में शामिल हुआ।
जगन्नाथ रथ यात्रा: भक्ति का अनोखा उत्सव
| जगन्नाथ रथ यात्रा |
ओडिशा के पुरी में 27 जून से 5 जुलाई तक चलने वाली जगन्नाथ रथ यात्रा ने लगभग 15 लाख श्रद्धालुओं को जोड़ते हुए भगवान जगन्नाथ, बलभद्र, और सुभद्रा के रथ का भक्ति एवं सांस्कृतिक आकर्षण बढ़ाया।
सिख धर्म के पवित्र शहरों का संरक्षण
| सिख धर्म के पवित्र शहरों का संरक्षण 2025 |
पंजाब सरकार ने गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगांठ के अवसर पर अमृतसर, आनंदपुर साहिब, और तलवंडी साबो को पवित्र शहर घोषित कर धार्मिक मर्यादा बनाए रखने के लिए मांस, शराब, सिगरेट पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया।
राम मंदिर ध्वजारोहण: इतिहास का गौरवपूर्ण क्षण
| राम मंदिर ध्वजारोहण |
अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में 25 नवंबर को आयोजित ध्वजारोहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंदिर के सबसे ऊंचे शिखर पर 'धर्म ध्वजा' फहराई। इस समारोह में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित अनेक धर्मगुरुओं ने भाग लिया, जो इस पावन अवसर को भारत के आध्यात्मिक गौरव का प्रतीक बनाया।
