काशी विश्वनाथ मंदिर, वाराणसी "शिव के द्वार पर मोक्ष मिलता है"
भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक गंगा नदी के किनारे स्थित पवित्रता और अध्यात्म का संगम।
ऐसी मान्यता है कि यहाँ मृत्यु भी मोक्ष मानी जाती है हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
मंदिर का गुंबद सोने से मढ़ा हुआ है अद्वितीय और भव्य।
संकरी गलियों के बीच बसा, लेकिन दर्शन के बाद मन को गहरी शांति मिलती है।
कैसे पहुँचें?
एयरपोर्ट: वाराणसी (25 किमी), रेलवे स्टेशन: वाराणसी जंक्शन (4 किमी), लोकल ऑटो व रिक्शा से मंदिर के पास पहुँचा जा सकता है,
फिर थोड़ा पैदल चलना होता है।
बेस्ट टाइम टू विजिट:
महाशिवरात्रि (विशेष भक्ति और उत्सव का माहौल)
सावन महीना (श्रावण मास में विशेष पूजा)
अक्टूबर से मार्च (ठंड का मौसम सुहावना और भीड़ अपेक्षाकृत कम)
पास की दर्शनीय जगहें:
दशाश्वमेध घाट – मुख्य गंगा आरती स्थल
गंगा आरती – शाम को गंगा किनारे दिव्य अनुभव
ज्ञानवापी परिसर – ऐतिहासिक और आध्यात्मिक स्थल
मणिकर्णिका घाट – मोक्ष का मार्ग
"काशी बुलाए, तो जाना ज़रूर चाहिए… क्योंकि वहाँ शिव खुद स्वागत करते हैं।"

